Principal’s Message

शिक्षा मानवीय जीवन का पूर्ण आधार है। शिक्षा के अभाव में हम उसी प्रकार से अपूर्ण और अविकसित हैं जैसे जल के बिना सूखी हुई नदी | जिसकी संज्ञा तो नदी की ही है किंतु परिभाषा नदी की नहीं। 
आज सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, भौतिक तथा वैयक्तिक किसी भी प्रकार का विकास शिक्षा के अभाव में कदापि संभव नहीं। इसलिए हम कह सकते हैं कि आज शिक्षा ही मानव को समाजोपयोगी बनाती है। शिक्षा के अभाव में कोई भी मानव अपनी संपूर्ण क्षमताओं के साथ समाज के लिए उपयोगी नहीं हो सकता। 
क्योंकि महाविद्यालय क्षेत्र में एक श्रेष्ठ तथा उच्च शिक्षण संस्थान है अतः इस निमित्त महाविद्यालय का सबसे पहला उत्तर दायित्व है कि हम महाविद्यालय में प्रविष्ट समस्त छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान कर सकें। इसके साथ ही महाविद्यालय जिस क्षेत्र में स्थित है उस क्षेत्र के प्रति भी हमारे कुछ नैतिक उत्तरदायित्व हैं जिनका निर्वहन करने हेतु हम संपूर्ण महाविद्यालय परिवार प्रयत्नशील रहते हैं कि हम अपनी पहुंच तक के संपूर्ण सामाजिक स्तर तक सामाजिक जागरुकता तथा प्रगतिशील चेतना का पूर्ण संचार कर सकें। 
महाविद्यालय में संप्रति कला एवं विज्ञान संकाय संचालित है जिनमें कि स्नातक स्तर पर 09 विषय कला संकाय में तथा 05 विषय विज्ञान संकाय में संचालित हैं। इसके साथ ही अर्थशास्त्र, हिंदी और राजनीति विज्ञान , 03 विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं जिनसे प्रत्येक वर्ष छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।
महाविद्यालय के पास इस समय समस्त पदों पर उच्च अकादमिक शैक्षणिक स्तर वाले प्राध्यापक उपलब्ध हैं जो महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रोन्नत कर रहे हैं। इस प्रकार पूर्ण उपांगों की सक्षमता के साथ महाविद्यालय अपने सेवागत तथा सामाजिक समस्त उत्तर दायित्वों के निर्वहन हेतु पूर्णतया कटिबद्ध है।

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